📤 Share Image 💬 WhatsApp पर Share करें संत वचन ❝ साईं इतना दीजिए, जा में कुटुम समाय। मैं भी भूखा न रहूँ, साधु न भूखा जाय॥ संक्षिप्त भावार्थ: संत कबीर दास जी इस वचन में संतोष की भावना बताते हैं। मनुष्य को उतना ही माँगना चाहिए जिससे उसका परिवार सुखपूर्वक चल सके और आवश्यकता पड़ने पर किसी साधु या जरूरतमंद की सेवा भी की जा सके। — संत कबीर दास जी स्रोत: संत वचन ← सभी Quotes देखें
राम भजन का सोच क्या, करताँ होइ सो होइ। दादू राम सँभालिये, फिरि बूझिये न कोइ॥ भावार्थ: भगवान का भज... 🙏 संत दादू दयाल जी पूरा Quote पढ़ें →
अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम। दास मलूका कह गए, सबके दाता राम॥ संत मलूकदास जी कहते हैं कि संस... 🙏 संत मलूकदास जी पूरा Quote पढ़ें →