मन के हारे हार हैं | कबीर दास जी | MereHari
Home › Quotes › Quote
Spiritual Quote - संत कबीर दास जी
भक्ति
❝
“मन के हारे हार हैं, मन के जीते जीति। कहै कबीर हरि पाइए, मन ही की परतीति॥”
— संत कबीर दास जी
स्रोत: कबीर ग्रंथावली, पृष्ठ 194